ये प्रो कबड्डी के सितारे हैं पर अब तक भारतीय कबड्डी टीम में जगह नहीं मिली

Best Team Of PKL Players Who Have Not Played For India

प्रो कबड्डी लीग भारत में छह साल पहले 2014 में शुरू हुई थी। इस लीग ने कई युवा कबड्डी खिलाड़ियों की किस्मत बदल दी। भारत के विभिन्न हिस्सों से आए इन कई खिलाड़ियों का कौशल सामने आनेसे वे रातों रात स्टार बन गए। प्रो कबड्डी ने भारतीय कबड्डी टीम के दरवाजे भी कुछ खिलाड़ियों के लिए खोल दिए। हालाँकि, कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्होंने प्रो कबड्डी लीग में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन अभी भी भारतीय टीम में जगह पाने का इंतज़ार कर रहे हैं।

जो प्रो कबड्डी के सितारे हैं पर अब तक उन्हें भारतीय कबड्डी टीम में जगह नहीं मिली ऐसे खिलाड़ियों एक टीम खेल कबड्डीने बनायी।

१. सिद्धार्थ देसाई (रेडर) – सिद्धार्थ ने प्रो कबड्डीके छठे सीज़न में यू मुंबई के लिए अपनी शुरुआत की। सिद्धार्थ ने अपने पहले मैच में सुपर 10 स्कोर करके अपने आगमन का जश्न मनाया। उन्होंने इस सीजन में सिर्फ 4 मैचों में 50 अंक का रिकॉर्ड बनाया। सिद्धार्थ ने अपने पहले छह मैचों में से पांच में सुपर 10 का स्कोर बनाया था। छठे सीज़न में अपने अच्छे प्रदर्शन के बल पर, सातवें सीज़न में, तेलुगु टाइटन्स ने सिद्धार्थ को 1.45 करोड़ रुपये की बोली लगाकर अपनी टीम में शामिल किया। सिद्धार्थ सातवें सीजन के सबसे महंगे खिलाड़ी बने। सातवें सीज़न में भी, सिद्धार्थ ने 10 सुपर 10 की मदद से कुल 220 अंक बनाए। वर्तमान में सिद्धार्थ भारतीय रेल्वे के लिए खेल रहे हैं। प्रोकबड्डी लीग के दो सत्रों में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के बावजूद, सिद्धार्थ अभी भी भारतीय टीम के लिए खेल नही पाये हैं।
२. निलेश सालुंके (रेडर) – पुणेरी पलटण के लिए तीसरे सीज़न में सात मैच खेलने के बाद, निलेश ने चौथे सीज़न में तेलुगु टाइटन्स के लिए खेलना शुरू किया। तब से, उनके प्रदर्शन का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। प्रो कबड्डी के चौथे और पांचवें सीज़न में, राहुल चौधरी के बाद निलेश तेलुगु टाइटन्स के लिए दुसरे सबसे अच्छे रेडर बने। पांचवें सीज़न में उन्होंने 98 अंक बनाकर अपनी प्रतिभा दिखाई। वह सातवें सीजन से जयपुर पिंक पैंथर्स के लिए खेल रहे हैं। कल्याण में एक गरीब परिवार में जन्मे नीलेश ने प्रो कबड्डी में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया। वह 2018 सीनियर नेशनल चैम्पियनशिप में महाराष्ट्र के लिए खेले। पुणे में आयकर विभाग में नौकरी करने वाले नीलेश को भारतीय टीम के लिए जल्द ही खेलने का मौका मिलने की उम्मीद है।
३. पंकज मोहिते (रेडर) – पंकजने खेलो इंडिया गेम्स में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस प्रदर्शन के बल पर, पुणेरी पलटण ने उन्हें अपनी टीम में लिया। पंकज ने अपने पहले सीज़न में 110 अंक बनाए। हालांकि पुणेरी पलटण के लिए सीज़न बहुत अच्छा नहीं रहा लेकिन कई लोगों ने कहा कि टीम को पंकज के रूप में एक नया सितारा मिल गया है। मार्च 2020 में जयपुर में आयोजित सीनियर नेशनल कबड्डी चैंपियनशिप में उन्होंने 5 मैचों में 75 अंक हासिल किए। थोड़े समय में एक अच्छे रेडर के रूप में विख्यात, पंकज अब भारतके लिए खेलने का अवसर तलाश रहे हैं। पंकज की उम्र उनकी ताकत है। इसलिए, यदि वह अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखते है, तो उनका भविष्य उज्ज्वल है।
४. संदीप धुल (लेफ्ट कॉर्नर) – संदीप ने कम उम्र में ही एक उत्कृष्ट लेफ्ट कॉर्नर के रूप में सभी का ध्यान आकर्षित किया। प्रो कबड्डी के तीसरे और चौथे सीज़न में, दबंग दिल्लीसे खेलते हुए उन्होने क्रमशः 32 और 35 अंकों के साथ अच्छा प्रदर्शन किया। दिल्ली के लिए खेलते हुए उन्होने अपने सुपर टैकल से सभीको प्रभावित किया था। किसी कारणवश संदीप को प्रो कबड्डी के पांचवें सीजन में किसी भी टीम ने नहीं खरीदा था। हालांकि, छठे सीजन में जयपुर पिंक पैंथर्स ने उन्हे  66 लाख रुपये में खरीदा। मैदान पर वापसी करते हुए, संदीप ने छठे सीज़न में 22 मैचों में 67 अंक बनाए। उनके अच्छे प्रदर्शन के कारण, जयपुर की टीम ने उन्हें सातवें सीजन के लिए अपने टीम में रखना पसंद किया। टीम के विश्वास को सही ठेहरातें हुए संदीप ने इस सीजन में 74 अंक बनाए। संदीप के प्रदर्शन के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए, इसमें कोई संदेह नहीं है कि वह जल्द ही भारतीय टीम में जगह पाएंगे।
५. बलदेव सिंह (राइट कॉर्नर) – प्रो कबड्डीके सातवे सिझन के विजेता रहे बंगाल वॉरियर्स टिमके एक प्रमुख घटक के रूप में बलदेव सिंग का नाम लेना चाहिये। रिंकू नरवाल के साथ उनकी जोड़ी इस सीज़न में बहुत ही यशस्वी रही है। बलदेव ने इस सीजन में 67 अंक बनाए। इसमें पांच सुपर टैकल और छह हाई फाइव शामिल हैं। प्रो कबड्डी के सिर्फ दो सीजन में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद, बलदेव को जल्द ही भारतीय टीम में जगह मिलने का भरोसा है।
६. रण सिंह (लेफ्ट कवर) – पंजाब के लिए खेलनेवाले रण सिंहने प्रो कबड्डी के पहले सीज़न से अपनी पहचान बनाई। रण सिंह ने अपने पहले सीज़न में जयपुर पिंक पैंथर्स की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जयपुर से प्रो कबड्डी के पहले चार सीज़न खेलने के बाद, उन्होंने पांचवें और छठे सीज़न में बंगाल वारियर्स के लिए खेला। उन्होंने प्रो कबड्डी में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और पांचवें सत्र में 52 रन बनाए। अँकल होल्ड और ब्लॉक पर उनकी विशेष पकड़ है। प्रो कबड्डीके सभी सात सीझनमे उनका अच्छा प्रदर्शन यह साबित करता है कि वह एक अच्छे खिलाडी हैं। इसलिए यह उम्मीद करना सुरक्षित है कि उन्हें जल्द ही भारतीय टीम में मौका मिलेगा।
७. विकास काले (राइट कवर) – थोड़ी देरसे कबड्डी खेलना शुरू करने वाले विकास ने बहुत कम समय में अपने कौशल को साबित कर दिया। प्रो कबड्डी के दूसरे सीज़न के बाद से, उन्होंने बंगाल वारियर्स, तेलुगु टाइटन्स, यू मुंबई, पटना पाइरेट्स जैसी टीमों के लिए खेला है। उन्होंने प्रो कबड्डी के छठे और सातवें सीज़न में 39 अंक बनाकर अपनी काबिलीयत साबित की है। उन्होंने 2017-18 सीनियर नेशनल कबड्डी चैंपियनशिप में महाराष्ट्र के लिए स्वर्ण पदक जीता। इस उपलब्धि के लिए, महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें शिवछत्रपति पुरस्कार 2017-18 से सम्मानित किया। विकास को भरोसा है कि उन्हे जल्द ही भारत के लिये खेलने का मौका मिलेगा।